राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कोडरमा पुलिस से मांगी रिपोर्ट, अधिवक्ता से कथित दुर्व्यवहार मामले में 2 सप्ताह में ATR तलब


कोडरमा, कोडरमा थाना में अधिवक्ता रौनक कुमार यादव के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस मामले में वाद संख्या 282/34/12/2026 दर्ज करते हुए कोडरमा के पुलिस अधीक्षक से दो सप्ताह के भीतर Action Taken Report (ATR) प्रस्तुत करने का निर्देश  दिनांक 14/07/26 को दिया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता रौनक कुमार यादव, निवासी कोडरमा, 10 जनवरी 2026 को अपने वरिष्ठ अधिवक्ता ओंकार विश्वकर्मा  के निर्देश पर एक मामले की जानकारी लेने के लिए कोडरमा थाना पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की की। रौनक कुमार यादव का कहना है कि जब उन्होंने बताया कि वे अपने वरिष्ठ अधिवक्ता के कहने पर केस की जानकारी लेने आए हैं, तब कथित रूप से पुलिस पदाधिकारी ने कहा, "तुम कितने बड़े वकील हो गए हो, देख लेंगे।"


घटना के बाद अधिवक्ता रौनक कुमार यादव ने उसी दिन, 10 जनवरी 2026, कोडरमा के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर संबंधित पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।


इसके बाद मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए मानवाधिकार जन निगरानी समिति के संयोजक डॉ. लेनिन रघुवंशी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए वाद पंजीकृत किया और कोडरमा पुलिस अधीक्षक को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत ATR प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया है।


डॉ. लेनिन रघुवंशी ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ इस प्रकार का कथित दुर्व्यवहार न्याय व्यवस्था की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है।


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